हरियाणा राज्य दिव्यांगजन आयुक्त राज कुमार मक्कड़ ने कहा कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 के तहत आने वाले कुछ ही समय में प्रदेश में एमेजॉन के माध्यम से 1500 मूक-बधिर दिव्यांगजनों को रोजगार प्रदान किया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया शुरु हो चुकी है। वे रविवार को स्थानीय लघु सचिवालय परिसर में दिव्यांगजनों के लिए आयोजित किए गए खुले दरबार में विभिन्न विभागों से संबंधित जनसमस्याओं को सुनने के उपरांत मीडिया कर्मियों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने बताया कि सरकार दिव्यांग को सक्षम बनाना चाहती है, इसलिए एमेजॉन के साथ 10 हजार नौकरियों के लिए समझौता हुआ है।

दिव्यांगों के लिए लघुसचिवालय में भुतल पर स्थापित सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के कार्यालय में सोमवार से हैल्प डैस्क शूरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता और सरकार के बीच प्रशासन कड़ी का काम करता है। इसलिए संबंधित विभाग दिव्यांगजनों के लिए क्रियान्वित योजनाओं एवं कार्यक्रमों का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करें ताकि संबंधित दिव्यांगों को योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध हो सके। सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए सभी दिव्यांगजनों को यूडीआईडी कार्ड बनवाना अनिवार्य है। यूडीआईडी कार्ड बनवाने के लिए सीएससी सैंटर पर ऑन-लाईन करवाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि दिव्यांगजनों को स्वयं का रोजगार स्थापित करने के लिए सरकार द्वारा आसान शर्तो पर ऋण की सुविधा प्रदान की जा रही है। सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष 70 करोड़ रूपये से अधिक के विभिन्न बंकों माध्यम से ऋण प्रदान किए जा रहे है।

राज्य आयुक्त ने बताया कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा संचालित 10वीं व 12वीं की परीक्षाओं में दिव्यांगजनों की फीस को नि:शुल्क कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त सरकारी सेवाओं में आवेदन फीस को भी अनुसूचित जाति के बराबर किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार दिव्यांगों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है. सरकार पारदर्शी ढंग से दिव्यांगों को सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान कर रही है।

राज्य आयुक्त मक्कड़ ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल का एक ही मकसद है कि पात्र दिव्यांगों को उनके लाभ से वंचित न रखा जाए। दिव्यांगों के अधिकार उनके हक हैं, जो कि उनको हर हाल में मिलने चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 97 सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों में हरियाणा के गठन होने से अब तक के समय का बैकलॉग भरा जाएगा, जिसमें उच्चतर शिक्षा विभाग के अधिकारियों समेत चार सदस्यों की कमेटी का गठन किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों में जिस वर्ग के पद अधिक भरे गए हैं, उनमें कट लगाया जाएगा और दिव्यांगजनों को उनका हक दिलाया जाएगा। इसके साथ-साथ पदोन्नति में आरक्षण का लाभ भी प्रदान किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों में अब तक अनुसूचित जाति वर्ग व दिव्यांगजनों को उनके रोस्टर अनुसार पदों पर नियुक्ति नहीं दी गई। पदोन्नति में लाभ मिलना तो दूर की बात है, जबकि ये कॉलेज सरकार से 95 प्रतिशत तक सरकारी सहायता का अनुदान लेते हैं।

उन्होंने खुले दरबार में परिवहन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग, शिक्षा विभाग, जिला रैड कॉस सोसायटी सहित दिव्यांगों से सीधे जुडें़ सभी विभागों से संबंधित जनसमस्याओं को सुना और अधिकारियों को इनका शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग से एसएमओ डॉ. धर्मेंद्र, डॉ. रीना जैन, डीएसडब्ल्यूओ महाबीर गोदारा, एसएसए से ज्ञान चंद, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी संतोष नागर, सेवानिवृत जिला समाज कल्याण अधिकारी दलबीर सैनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं दिव्यांगजन उपस्थित थे।