राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा गर्मी के मौसम के मद्देनजर नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि बढ़ते तापमान के चलते लू लगने से बीमार पड़ने की घटनाएं बढ़ जाती है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। लू से बचाव के लिए स्थानीय मौसम संबंधी अपडेट की जानकारी बेहद जरूरी है, जो विभिन्न समाचार माध्यमों के जरिए हासिल की जा सकती है। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे गर्मी में हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें, अपना सिर ढककर रखें, कपड़े, हैट अथवा छतरी का उपयोग करें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं-भले ही प्यास न लगी हो, ओआरएस या घर में बने पेय जैसे लस्सी, तोरानी (चावल का मांड) नींबू पानी, छाछ आदि का सेवन कर तरोताजा रहें।

बच्चों को वाहनों में छोडक़र न जाएं। नंगे पांव बाहर न जाएं, काम के बीच विश्राम लें, खेत खलीहान में काम कर रहे हैं तो समय-समय पर पेड़ या छाया में आसरा लें। गर्मी के मौसम में जंक फूड का सेवन न करें। ताजे फल, सलाद तथा घर में बना खाना खाएं। खासतौर से दोपहर 12 बजे से सायं 4 बजे के बीच धूप में सीधे न जाए। यदि बच्चे को चक्कर आए, उल्टी घबराहट अथवा तेज सिरदर्द हो, सीने में दर्द हो अथवा सांस लेने में कठिनाई हो तो चिकित्सक को दिखाएं।
उन्होंने बताया कि लू लगने का प्रमुख कारण तेज धूप और गर्मी में ज्यादा देर तक रहने के कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती हैं। लू लगने पर बुखार पीड़ित व्यक्ति के सिर पर ठंडे पानी की पट्टी लगावें। अधिक पानी व पेय पदार्थ पिलावें जैसें कच्चे आम का पन्ना, जलजीरा आदि, पीडि़त व्यक्ति को पंखें के नीचे हवा में लेटा दें, शरीर पर ठंडे पानी का छिडक़ाव करते रहे, पीडि़त व्यक्ति को शीघ्र ही किसी नजदीकी चिकित्सक, अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में मरीज को पहुंचाना चाहिए।