मदर हॉस्पिटल के एम डी आयुर्वेद डॉ विवेक दलाल ने बताया बवासीर एक आम समस्या है जो किसी को भी हो सकती है। आमतौर यह समस्या उन लोगों को में ज्यादा पाई जाती है, जो ज्यादा मसालेदार, काम फाइबर वाला खाना, कम पानी पीना और बहुत कम फिजिकल एक्टिविटी करते हैं। इस रोग में गुदा के अंदर और बाहर मस्से हो जाते हैं जिनमें गंभीर दर्द होता है।बवासीर का दर्द खतरनाक होता है जिसमें उठना-बैठना यहां तक कि चलना-फिरना भी मुश्किल हो जाता है। समस्या बढ़ने पर मल त्याग के समय खून भी आ सकता है। मदर हॉस्पिटल के एम डी आयुर्वेद डॉ विवेक दलाल का मानना है कि यह समस्या पुरानी होने पर आपके पाचन तंत्र को खोखला बनाना शुरू कर देती है।

डॉक्टर के अनुसार, बवासीर में अधिक मसालेदार, देर से पचने वाले खाद्य पदार्थ जैसे आलू, बैंगन या बहुत ज्यादा मीठे खाद्य पदार्थ या बहुत ज्यादा नमकीन चीजों से दूरी बना लेनी चाहिए। बवाशीर में खून आने पर सौंफ, अजवाइन, सेंधा नमक, काला नमक, मुलेठी, हरड, बहेड़ा, जीरा और हींग जैसी आयुर्वेदि जड़ी बूटियों का मिश्रण बनाकर सेवन करना चाहिए। आप इस मिश्रण को गुनगुने पानी के साथ ले सकते हैं। एलोवेरा जेल में सूजन कम करने और घाव भरने के गुण होते हैं। बाहरी बवासीर पर एलोवेरा जेल लगाने से खुजली और जलन में आराम मिल सकता है।
बाहरी बवासीर पर ठंडा कपड़ा लगाने से सूजन कम करने में मदद मिलती है। गर्म पानी के टब में बैठने से गुदा क्षेत्र को आराम मिलता है। आप इसमें सेंधा नमक या औषधीय जड़ी-बूटियां जैसे नीम की पत्तियां भी डाल सकते हैं। दिन में 2-3 बार 10-15 मिनट के लिए सिट्ज़ बाथ लें। मदर हॉस्पिटल के डायरेक्टर अमित जैन का मानना है कि केवल आयुर्वेदिक और होमियोपैथी दवाओं से ही बवाशीर भगन्दर जैसी जटिल व पुरानी बीमारियो को जड़ से ख़त्म किया जा सकता है