ओशोधारा मैत्री संघ हरियाणा के हिसार ने अपने साधना केंद्र, एमजी क्लब मिर्जापुर चौक पर सुबह दो घंटे का ध्यान कार्यक्रम आयोजित किया। आचार्य गगन ने ब्रह्म-नाद ध्यान करवाया। उन्होंने बताया कि ब्रह्म नाद, शब्द नाद और अनहद नाद ये तीनों एक ही हैं। इनका अर्थ बिना चोट से निकली आवाज है। इसमें ओम शब्द की साधना की जाती है। इसके उच्चारण से न केवल हम अच्छा महसूस करते हैं बल्कि शारीरिक, मानसिक और दिमागी स्तर पर भी इसका लाभ मिलता है।
दहेज में #BMW न मिलने पर दुल्हन को एयरपोर्ट पर छोड़कर दूल्हा फरार, जानिए पूरा मामला

नियमित करने से व्यक्ति सम्पूर्ण रूप से स्वस्थ रहता है। इस अवसर पर हरियाणा संघ के संयोजक आचार्य सुभाष ने ओशोधारा के कार्यक्रमों और उद्देश्यों पर चर्चा की। आज के इस कार्यक्रम में 70 से अधिक मित्रों और हिसार टीम सद्गुरु के सभी सदस्यों ने हिस्सा लिया।
अच्छी खबर : हिसार से वृन्दावन रोडवेज बस शुरू, श्रदालुओं को होगा बहुत फायदा
यह जानकारी देते हुए संघ के मीडिया प्रभारी धर्मवीर बैंदा ने बताया कि ध्यान के बाद 17 अप्रैल से 22 अप्रैल को गांव काबरेल में होने वाले 6 दिवसीय ध्यान और निरति योग कार्यक्रर्मो को सफल बनाने के लिए विशेष चर्चा हुई। सभी साधकों और नये मित्रों में इन दोनों कार्यक्रर्मों के लिए बहुत उत्साह नजर आया और इन कार्यक्रमों को सफल बनाने का संकल्प लिया।