मानव समर्पण पहल एक एहसास की संस्था द्वारा शुरू मुहिम अध्यात्म एवं प्रेरक की अगली कड़ी में स्वामी बालकृष्ण तीर्थ के सान्निध्य में शशि विद्या निकेतन हाई स्कूल, ऋषि नगर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्वामी बालकृष्ण तीर्थ ने बच्चों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि माता-पिता की सेवा सबसे बड़ी सेवा है। हम मंदिरों में भगवान को खोजते हैं पर हमारे घर में स्वयं भगवान मां-बाप के रूप में विद्यमान हैं।

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए स्वामीजी ने कहा कि हमारी हर इच्छा मां-बाप बिना संकोच के किसी भी दु:ख तकलीफ को न देखते हुए पूरी करते हैं इसलिए अपने माता-पिता को दु:ख नहीं देना चाहिए। उनका आदर सम्मान करना चाहिए। संस्था अध्यक्ष अनिल कुकरेजा ने कहा कि माता-पिता भगवान का दूसरा रूप है। उनके द्वारा दी गई आशीष एवं दुआएं हमें आगे बढऩे के लिए प्रेरित करती हैं। महेंद्र खोवाल ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि अच्छा आचरण शुद्ध विचार जीवन की सफलता की सीढ़ी है। अनिल वर्मा ने कहा कि अगर हम सद्व्यवहार रखेंगे तो हमें भी दूसरों से अच्छा व्यवहार प्राप्त होगा।

स्कूल प्रिंसिपल नरेश वर्मा ने कहा कि मानव समर्पण संस्था की इस पहल को हम विद्यार्थियों के अलावा अभिभावकों तक पहुंचा कर सफल बनाएंगे। उन्होंने फूल मालाओं से स्वामी बालकृष्ण तीर्थ का स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में महेंद्र खोवाल, सुरेश सैनी, अनिल वर्मा, कुलदीप बिक्का, अशोक सिंधवानी एवं स्कूल स्टॉफ उपस्थित रहा।