जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण द्वारा बाल मजदूरी की रोकथाम हेतु एडीआर सेंटर के हाल में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए सीजेएम विशाल ने बताया कि बाल मजदूरी कानूनी अपराध है। बाल मजदूरी से बच्चों का सर्वांगीण विकास रूक जाता है। बाल मजदूरी करवाने में संलिप्त पाए जाने वाले के विरुद्ध दो साल की सजा व 50 हजार रुपये तक का जुर्माने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि बाल मजदूरी की रोकथाम हेतु जून माह के दौरान बचपन बचाओ आंदोलन चलाया जाएगा।

बचपन बचाओ आंदोलन के स्टेट कोऑर्डिनेटर पुनीत शर्मा ने बताया कि बाल मजदूरी को रोकने के लिए 1 जून से 30 जून तक बचपन बचाओ आंदोलन चलाया जाएगा। आंदोलन के दौरान बाल मजदूरी एवं किशोर श्रम में फंसे बच्चों को उनके माता-पिता से मिलाकर उन्हें घर भेजने का कार्य किया जाएगा।