सेल्फी विद डॉटर दिवस के अवसर पर देश के छह राज्यों से हिसार पहुंची लड़कियों ने एक सुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि देश में दिव्यांग लड़कियों की सामाजिक सुरक्षा की गारंटी के लिए कानून बनाया जाए। देश में आज भी दिव्यांग लड़कियां सामाजिक व मानसिक प्रताडऩा का शिकार हो रही हैं।

हिसार के गुरू जंभेश्वर विश्वविद्यालय में आयोजित सेल्फी विद डॉटर दिवस के अवसर पर हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश व महाराष्ट्र से दिव्यांग व सामान्य लड़कियां पहुंची। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंची उत्तर प्रदेश के बरेली की उत्साही दिव्यांग रिदम शर्मा ने साइन लैंग्वेज में अपना भाषण देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकलांगों के लिए दिव्यांग शब्द की खोज कर उन्हें नई पहचान दी है अब प्रधानमंत्री का पसंदीदा अभियान सेल्फी विद डॉटर उनके चेहरे पर मुस्कान व मन में आत्म विश्वास लेकर आया है।
उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा गारंटी कानून से देश के प्रत्येक हिस्से में दिव्यांग लड़कियों के अधिकारों की रक्षा की जाए। आज भी उन्हें सामाजिक रूप से प्रताड़ित होना पड़ता है। सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन के संस्थापक सुनील जागलान ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है जब उनके ऑनलाइन म्यूजियम में 10 हजार से अधिक दिव्यांग लड़कियों की सेल्फी आई हैं। जागलान ने कहा कि एसडब्ल्यूडी के बेसलाइन सर्वे के अनुसार सामान्य लड़कियों के मुकाबले दिव्यांग लड़कियां अधिक यौन उत्पीडऩ का शिकार होती हैं। देश के कई राज्य तो ऐसे हैं जहां इन लड़कियों की शारीरिक कमी को (अंधी), (लंगड़ी), (डूडी) (काणी) जैसे गाली सांकेतिक शब्दों का प्रयोग करके दिव्यांगता का अहसास करवाया जाता है।

मेवात जिले से पहुंची अंजुम इस्लाम ने कहा कि वह हरियाणा के सर्वाधिक विकसित जिले गुरुग्राम के बेहद करीब रहती हैं। इसके बावजूद मेवात जिले में दिव्यांग व सामान्य लड़कियों को पढऩे की इजाजत नहीं है।
रामजन्म भूमि अयोध्या के छोटे से गांव में रहकर डिजीटल प्लेटफार्म के माध्यम से पैसे एकत्र करके कैंसर का शिकार अपने पिता का इलाज करवाने वाली कविता सिंह ने कहा कि दिव्यांग लड़कियों को उनकी दिव्यांगता का अहसास करवाना बंद किया जाए।
राजस्थान के चितौडग़ढ़ से यहां आई किरण सुवालका ने कहा कि उनके राज्य में आज भी रूढ़ीवादी सोच बरकरार है। अब समय आ गया है जब सेल्फी विद डॉटर जैसे प्लेटफार्म के साथ जुडक़र दिव्यांग लड़कियों को समाज को यह बतना होगा कि वह सामान्य लड़कियों से कम नहीं हैं। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के वन टीचर वन कॉल संस्था की दीपमाला पांडे, राजस्थान से दर्जी ऑनलाइन के सेठा सिंह रावत समेत कई गणमान्य मौजूद थे।

इनको मिले इस साल के सेल्फी विद डॉटर अवार्ड
इस अवसर पर मेवात की अंजुम इस्लाम को एसडब्ल्यूडी द्वारा मेवात की ब्रांड एंबेसडर घोषित किया गया वहीं अयोध्या की कविता सिंह, बेरली की रिदम शर्मा, राजस्थान की किरण सुवालका को बेस्ट सेल्फी विद डॉटर अवार्ड से सम्मानित किया गया। इसके अलावा महाराष्ट्र के नागपुर में सेवा ग्राम की महिला सरपंच सुजाता ताकसांडे को अपने गांव में सेल्फी विद डॉटर मॉडल लागू करने पर सम्मानित किया गया।
सेल्फी विद डॉटर डे पर दिव्यांग बेटियों ने पारित किए प्रस्ताव
-देश में दिव्यांग लड़कियों के लिए बने समाजिक सुरक्षा गारंटी कानून।
-दिव्यांग लड़कियों की शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए हो बाध्यता
-देश में राज्य वार दिव्यांग लड़कियों की आर्थिक, राजनीतिक भागेदारी पर हो सर्वे
-दिव्यांग लड़कियों के देश में जारी हो हेपीनेस इंडेक्स
-दिव्यांग लड़कियों के साथ होने वाली छेड़छाड़ की घटनाओं पर हो तवरित कार्रवाई
-दिव्यांग लड़कियों के लिए मेंटल हेल्थ फस्र्ट एड कोर्स शुरू किए जाएं

नूंह के गांव टांई की अंजुम इस्लाम बनी मेवात के सेल्फी विद डॉटर प्रोजक्ट की ब्रांड एंबेसडर
मेवात प्रोजेक्ट से लड़कियों को दिलाई नई पहचान
मेवात की मलाला के नाम से हुई मशहूर
हिसार। हरियाणा के अंतिम छोर पर बसे जिला मेवात से लड़कियों के अधिकारों की लड़ाई को लडक़र उन्हें शिक्षा का अधिकार दिलाने वाली सेल्फी विद डॉटर की सक्रिय सदस्या अंजुम इस्लाम को सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन ने मेवात प्रोजैक्ट के लिए ब्रांड एंबेसडर घोषित किया है।
सेल्फी विद डॉटर दिवस के अवसर पर आज हिसार में राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें मेवात की लड़कियो की उल्लेखनीय भागेदारी रही। इस कार्यक्रम में हरियाणा के अलावा राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली की लड़कियों ने भी भाग लिया।
मेवात की ब्रांड एंबेसडर बनने वाली अंजुम इस्लाम मेवात की मलाला के नाम पर मशूहर हैं। जिसने सेल्फी विद डॉटर के साथ जुडक़र लड़कियों को शिक्षा का अधिकार दिलाने की लंबी लड़ाई लड़ी है। सेल्फी विद डॉटर अभियान के संस्थापक सुनील जागलान ने बताया कि नीति आयोग ने वर्ष 2018 में जब नूंह को देश का सर्वाधिक पिछड़ा जिला घोषित किया तब सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन ने यहां महिला सशक्तिकरण के कार्य शुरू किए और यहां महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक व डिजीटल भागेदारी करवाई गई। करीब दो हजार लड़कियों को इस अभियान के लिए चुना गया। विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से पांच लड़कियों को मेवात में सामाजिक क्रांति की वाहक चुना गया। इनमें से टांई गांव की अंजुम इस्लाम को सेल्फी विद डॉटर की तरफ से मेवात प्रोजैक्ट का ब्रांड एंबेसडर घोषित किया गया।

इस अवसर पर अंजुम ने कहा कि जब शुरुआत में सुनील जागलान जी सेल्फी विद डॉटर अभियान को लेकर मेवात पहुँचे तो उन्हें बहुत मेहनत करनी पड़ी क्योंकि वहॉं पर तो सेल्फी लेना लड़कियों का वर्जित था और सोशल मीडिया पर आना तो बिल्कुल भी नहीं । लेकिन वहॉं इनके द्वारा सेल्फी विद डॉटर की पिछले 5 साल में ऐसी ऐसी क्रॉति आई कि अब हर तीसरी लड़की सोशल मीडिया पर आ गई है और ग़लत कमेंट आने पर तुरंत क़ानूनी कार्यवाही की जानकारी भी ले चुकी है ।
सेल्फी विद डॉटर के द्वारा हज़ारों लड़कियों को कॉलेज व विश्वविद्यालयों में एडमिशन के लिए प्रोत्साहित किया गया है । सेल्फी विद डॉटर के द्वारा देश का पहला गॉंव जहॉं पर हर घर में बेटी के नाम से नेम प्लेट लगी है वह अब मेवात का ही किरूरी गॉंव है । यह बदलाव किया है सेल्फी विद डॉटर के द्वारा ।अंजुम ने अपने क्षेत्र में सेल्फी विद डॉटर फाऊंडेशन के द्वारा लड़कियों को कालेज तक की पढ़ाई करवाने, लड़कियों की नेम प्लेट लगवाने, पीरियड चार्ट जैसे अभियानों में सुनील जागलान के नेतृत्व में शामिल होकर नूंह की लड़कियों को देश के अन्य विकसित शहरों के साथ चलाने का प्रयास किया है। उनका यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन के संस्थापक सुनील जागलान ने कहा कि मेवात में आजतक महिला विश्वविद्यालय की स्थापना नहीं हो सकी है। सेल्फी विद डॉटर की टीम ने मेवात में महिला विश्विद्यालय बनवाने के लिए अभियान शुरू किया है। जिसके तहत मेवात की 2000 लड़कियों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर यह मांग उठाई जाएगी। इसके लिए जल्द ही पोस्ट कार्ड कैंपेन फ़ॉर गर्ल्ज एजुकेशन अभियान शुरू किया जाएगा।

सामान्य लोगों के लिए प्रेरणा बनी बरेली की दिव्यांग रिदम,हरियाणा के हिसार में मिला सेल्फी विद डॉटर राष्ट्रीय सम्मान
हिसार। उत्तर प्रदेश के बरेली शहर की रहने वाली रिदम शर्मा दिव्यांग है, लेकिन उसने अपनी खूबियों के बल पर दिव्यांगता को ही अपनी पहचान बना लिया है। वह साइन लैंग्वेज के माध्यम से सामान्य लोगों को अपनी बात समझाने में सक्षम है। रिदम सेल्फी विद डॉटर के साथ जुड़ी और दिव्यांगों को नई पहचान दिलाने का काम शुरू किया।
आज सेल्फी विद डॉटर दिवस के अवसर पर हरियाणा के हिसार में आयोजित राष्ट्रीय समारोह के दौरान रिदम शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया और साइन लैंग्वेज के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों से आई हुई हजारों लड़कियों को संबोधित किया। सेल्फी विद डॉटर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पसंदीदा अभियान है। जिसकी शुरूआत हरियाणा में जींद जिले के गांव बीबीपुर से हुई थी। आज हुए कार्यक्रम के दौरान नई परंपरा की शुरूआत करते हुए बरेली की दिव्यांग रिदम शर्मा को बतौर मुख्य अतिथि शामिल किया गया। जहां उन्हें बेस्ट सेल्फी विद डॉटर अवार्ड से सम्मानित किया गया।
रिदम शर्मा ने कहा कि यह उनके लिए ही नहीं बल्कि समूचे उत्तर प्रदेश के लिए गौरव की बात है कि सुनील जागलान की बदौलत उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रचारित अभियान में शामिल होने का अवसर मिला है। रिदम शर्मा के अनुसार वह उत्तर प्रदेश में दिव्यांग लड़कियों के लिए काम करना चाहती है। दिव्यांग लड़कियों की सामाजिक सुरक्षा बहाली के लिए वह हर संभव प्रयास करेंगी।
पिता के कैंसर का इलाज करवाने वाली अयोध्या की कविता को मिला सम्मान
सेल्फी विद डॉटर दिवस पर हरियाणा में हुई सम्मानित
हिसार। भगवान राम की जन्म स्थली अयोध्या में रहने वाली कविता सिंह की कहानी बेहद दर्द भरी है। जिस गांव में वह रहती है वहां के लोग भले ही सोशल हों लेकिन सोशल मीडिया के नाम पर कुछ नहीं था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से सेल्फी विद डॉटर की प्रशंसा की तो कविता सिंह इस मुहिम के साथ जुड़ी। कविता सिंह के पिता कैंसर के मरीज थे। कविता ने डिजीटल तकनीक के माध्यम से काम करते हुए पैसे जुटाए और अपने पिता का कैंसर का इलाज करवाया।
इसके बाद उसने अपने क्षेत्र की लड़कियों को न केवल सोशल मीडिया के माध्यम से अपने अधिकारों की लड़ाई लडऩी सिखाई बल्कि गाली बंद, पीरियड चार्ट जैसे अभियान चलाकर अयोध्या में नई क्रांति की शुरूआत की। कविता सिंह के संघर्ष को देखते हुए आज सेल्फी विद डॉटर दिवस के अवसर पर हरियाणा के हिसार में आयोजित राष्ट्रीय समारोह के दौरान उन्हें बेस्ट सेल्फी विद डॉटर के राष्ट्रीय अवार्ड के साथ सम्मानित किया गया। कविता सिंह के अनुसार इस अवार्ड से उन्हें अपने क्षेत्र में काम करने के लिए प्रेरणा मिली है। सुनील जागलान के मार्गदर्शन में वह इस मुहिम को अब और तेजी से आगे बढ़ाएंगी।
हरियाणा के राज्यपाल ने दी सेल्फी विद डॉटर दिवस की बधाई
हिसार। हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने सेल्फी विद डॉटर दिवस के अवसर पर प्रदेश भर की बेटियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। आज यहां अपने संदेश में राज्यपाल ने कहा कि इस साल यह दिवस दिव्यांग लड़कियों को समर्पित किया गया है जोकि हमारे समाज का अभिन्न अंग हैं। इनका भी राष्ट्र के नव-निर्माण में सराहनीय योगदान है। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पसंदीदा अभियान सेल्फी विद डॉटर से जुडक़र तथा इसे आपने देश-प्रदेश ही नहीं बल्कि विश्वव्यापी अभियान बनाकर बेहद सराहनीय कार्य किया है। इस अभूतपूर्व प्रयास के लिए मैं आपको हार्दिक मुबारकबाद प्रदान करता हूं।