हिसार. बाडोपट्टी टोल प्लाजा पर मंगलवार रात टोल मैनेजर संजय शुक्ला की स्कॉर्पियो से कुचलकर की गई हत्या मामले में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस खौफनाक हत्याकांड की जिम्मेदारी कुख्यात लॉरेंस गैंग ने ली है। ‘अनिल पंडित’ नाम के एक सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट और ऑडियो शेयर कर वारदात को अंजाम देने की बात कबूली गई है। वहीं, बरवाला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
सोशल मीडिया पर दी खुली चेतावनी: ‘दुश्मनों का साथ दिया तो यही अंजाम होगा’

लॉरेंस गैंग से जुड़े माने जा रहे अनिल पंडित के अकाउंट से शेयर की गई पोस्ट में स्पष्ट तौर पर लिखा गया है-
”टोल मैनेजर संजय शुक्ला के मर्डर की जिम्मेदारी हम लेते हैं। ये हमारे दुश्मनों की मदद करता था। समझाने के बाद भी ये नहीं माना, इसीलिए इसे मारना पड़ा।”
इसी अकाउंट से एक ऑडियो भी जारी किया गया है, जिसमें धमकी भरे लहजे में कहा गया है- “कान खोलकर सुन लो, अगर किसी ने हमारे दुश्मनों का साथ दिया, तो उसका अंजाम भी ऐसा ही होगा।”
विवाद कैसे हुआ? महज 130 रुपए के लिए ले ली जान
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार रात बाडोपट्टी टोल प्लाजा पर एक ब्लैक स्कॉर्पियो में सवार कुछ युवक पहुंचे। टोल मैनेजर संजय शुक्ला ने जब नियम के अनुसार उनसे 130 रुपए टोल शुल्क मांगा, तो युवकों ने खुद को लोकल (स्थानीय निवासी) बताते हुए पैसे देने से साफ इनकार कर दिया। बहस इतनी बढ़ गई कि गुस्साए युवकों ने मैनेजर संजय पर स्कॉर्पियो चढ़ा दी और उन्हें बेदर्दी से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया।
किराए की गाड़ी से वारदात, ‘फिल्मी’ गिरफ्तार
पुलिस जांच में सामने आया है कि वारदात में इस्तेमाल की गई ब्लैक स्कॉर्पियो आरोपियों की अपनी नहीं थी, बल्कि इसे खेदड़ गांव से किराए पर लिया गया था। बरवाला पुलिस ने एक्शन लेते हुए मामले में एक आरोपी मनोज उर्फ फिल्मी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अन्य आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

20 लाख के मुआवजे पर अड़े परिजन, अंतिम संस्कार रोका
संजय शुक्ला की दर्दनाक हत्या के बाद उनके परिवार में भारी आक्रोश है। पोस्टमॉर्टम होने के बावजूद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया है। परिजनों की स्पष्ट मांग है कि टोल कंपनी उन्हें 20 लाख रुपए का मुआवजा दे। फिलहाल पुलिस और प्रशासन के अधिकारी परिजनों को समझाने-बुझाने के प्रयास में जुटे हुए हैं।