चंडीगढ़। हरियाणा में अब सड़कों की सूरत बदलने वाली है। राज्य सरकार ने सभी 22 जिलों में ‘मॉडल रोड’ परियोजना को गति दे दी है। प्रदेश के लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि बरसात के मौसम के दौरान सभी तकनीकी और वित्तीय औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएं, ताकि जैसे ही मौसम साफ हो, निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया जा सके।

8 सड़कों का जुलाई में होगा सर्वे
समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इन मॉडल सड़कों की कुल लंबाई लगभग 115 किलोमीटर होगी। इन सड़कों को सौंदर्यकरण, आधुनिक सुविधाओं और सुरक्षा मानकों के आधार पर ‘आदर्श’ बनाया जाएगा। इसके लिए चुनी गई 8 सड़कों का विशेषज्ञ एजेंसियों द्वारा सर्वे जुलाई माह में पूरा कर लिया जाएगा। इसी महीने के अंत तक प्रशासनिक मंजूरी मिलने की उम्मीद है, जिसके तुरंत बाद काम धरातल पर दिखेगा।
’म्हारी सड़क’ ऐप को होगा और विस्तार
मंत्री ने ‘म्हारी सड़क’ ऐप की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जिन सड़कों का विवरण अभी तक ऐप पर नहीं है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर अपडेट किया जाए।
QR कोड की सुविधा: विभाग ऐसी व्यवस्था पर काम कर रहा है, जिससे लोग सड़कों पर लगे QR कोड को स्कैन कर उस सड़क से जुड़ी पूरी जानकारी (जैसे निर्माण तिथि, ठेकेदार आदि) देख सकेंगे।
1,633 सड़कों पर काम जारी: वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित 1,633 सड़कों में से 1,042 सड़कों के ईओ (EO) तैयार कर भेजे जा चुके हैं।
क्वालिटी में नहीं होगी कोई ढिलाई
मंत्री रणबीर गंगवा ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, “प्रदेशवासियों को बेहतर, सुरक्षित और टिकाऊ सड़क नेटवर्क देना सरकार की प्राथमिकता है। सभी कार्यों में पारदर्शिता बरतें और समयबद्ध तरीके से प्रोजेक्ट पूरा करें।”
बैठक में हरियाणा स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (HARSAC) के साथ मिलकर किए जा रहे कार्यों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए। इस दौरान पीडब्ल्यू (बी एंड आर) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एके सिंह, अतिरिक्त सचिव हितेश कुमार मीणा और ईआईसी अनिल दहिया समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।