आरोपी ड्राइंग टीचर राजबीर को सजा का एलान 28 को
हिसार : जिला हिसार के एक गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली दलित छात्रा के साथ उसी के स्कूल के ड्राइंग टीचर राजबीर द्वारा छात्रा को अपहरण करके बंधक बनाकर दुष्कर्म करने वाले ड्राइंग टीचर को हिसार की महिला विरुद्ध अपराध के लिए स्थापित विशेष अदालत के न्यायाधीश सुनील जिंदल ने दोषी करार दिया है।
पीड़ित छात्रा के वकील रजत कल्सन ने बताया कि विशेष अदालत के न्यायाधीश सुनील जिंदल ने आज आरोपी ड्राइंग टीचर को दुष्कर्म करने, बंधक बनाने, अपहरण करने, मारपीट करने व जान से मारने की धमकी देने के आरोपों में दोषी करार दिया है तथा इस मामले में सजा का ऐलान 28 फरवरी को किया जाएगा।
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता रजत कल्सन ने बताया कि छात्रा ने पुलिस में अदालत के सामने दर्ज अपने बयानों में आरोप लगाया था कि वह जिले के एक गांव के स्कूल में सन 2015 में नोवीं कक्षा की छात्रा थी जहां पर आरोपी ड्राइंग टीचर कार्यरत था जो उसे पर गलत नजर रखता था तथा उसे चॉकलेट व टॉफी तथा पेन, पेंसिल देकर उसके साथ अकेले में किसिंग व छेड़खानी करता था तथा जब वह दसवीं कक्षा की छात्रा थी तब उसे स्कूल से कुछ दूर खेतों में ले जाकर उसके साथ गलत काम किया था तथा किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देता था।

इस बारे में जब पीड़ित छात्रा ने अपने माता-पिता को बताया तो उसके माता-पिता ने स्कूल में जाकर आरोपी ड्राइंग टीचर राजवीर को समझाया कि उनकी बेटी को तंग ना करें, परन्तु इसके बावजूद भी आरोपी ड्राइंग टीचर राजवीर पीड़ित छात्रा को प्रताड़ित करता रहा।
पीड़ित छात्रा के अनुसार 5 अप्रैल 2020 को उक्त ड्राइंग टीचर पीड़ित छात्रा को अपनी स्कूटी पर बिठाकर नजदीक के गांव के खेतों में ले गया तथा वहां पर एक कोठे के बाहर पीड़ित छात्रा के साथ प्राकृतिक व अप्राकृतिक तरीके से दुष्कर्म किया तथा उसे 4 घंटे बंधक बना कर रखा। किसी तरह उसके भाई को सूचना मिली कि आरोपी टीचर राजबीर पीड़ित छात्रा को खेतों में लेकर आया है तो अपनी बहन को ढूंढते हुए उसका भाई भी मौका पर पहुंच गया जहां पर उक्त आरोपी ड्राइंग टीचर ने उसके भाई के साथ मारपीट की तथा उसे जाति सूचक गालियां भी निकाली। इसके बाद मौके पर पुलिस भी आई जिन्होंने इस मामले में छात्रा की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया तथा पीड़िता के मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराये तथा पीड़िता की डॉक्टरी व बाल अधिकार समिति तथा महिला वकील के सामने बयान दर्ज कराए।
अधिवक्ता कलसन ने बताया कि चार साल चले इस मुकदमे में पीड़िता, उसके माता-पिता व उसके भाई सहित अन्य गवाहों के बयान दर्ज हुए तथा 20 फरवरी को पीड़ित पक्ष तथा आरोपी पक्ष के वकीलों की बहस सुनने के बाद आज अदालत ने आरोपी ड्राइंग टीचर को दलित छात्रा को अपहरण करने 365 IPC,, बंधक बनाने 342 IPC , रेप करने 376 (1) IPC,, मारपीट करने 323 IPC, तथा जान से मारने की धमकी देने 506 IPC में दोषी करार दिया उन्होंने बताया कि इस मामले में 28 फरवरी को अदालत सजा का ऐलान करेगी।
उधर पीड़ित छात्रा के माता-पिता ने इस मामले में अदालत के फैसले पर संतुष्टि जताई।