चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने किसानों को सशक्त और समृद्ध बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने ऐलान किया है कि हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) के सहयोग से कुरुक्षेत्र जिले में 2 हजार एकड़ के क्लस्टर पर ‘स्मार्ट एग्रीकल्चर’ नाम से प्राकृतिक खेती का नया प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि इस तकनीक को अपनाने पर अगर किसानों को किसी तरह का आर्थिक नुकसान होता है, तो उसकी पूरी भरपाई राज्य सरकार करेगी।

मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि खेतों में यूरिया और कीटनाशकों (पेस्टीसाइड) का ज्यादा इस्तेमाल न करें, ताकि आम लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को रोका जा सके। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 4,400 से अधिक दिनों के अटूट संकल्प और दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि इन्हीं प्रयासों से आज भारत विश्व की अग्रणी शक्तियों में अपनी जगह बना रहा है।
24 फसलें MSP पर, 1.80 लाख करोड़ का भुगतान
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार किसानों को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। आज राज्य में 24 अलग-अलग फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जा रही है। पिछले 12 सीजन के आंकड़े बताते हैं कि अब तक 12 लाख किसानों के खातों में फसल खरीद के 1 लाख 80 हजार करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए जा चुके हैं।
प्राकृतिक खेती की तरफ बढ़ रहे हरियाणा के किसान
प्रदेश में रसायन मुक्त खेती को बढ़ावा देने के लिए साल 2022 में प्राकृतिक खेती योजना शुरू की गई थी। इसके लिए बनाए गए पोर्टल पर 2 लाख किसानों ने 3 लाख एकड़ क्षेत्र का रजिस्ट्रेशन करवाया है। इनमें से 44 हजार एकड़ क्षेत्र के लिए 23 हजार 930 किसानों का सत्यापन किया जा चुका है।

आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025-26 में प्रदेश में 20,727 एकड़ में प्राकृतिक खेती की गई है। किसानों को इसका विशेष प्रशिक्षण देने के लिए कुरुक्षेत्र के गुरुकुल, जींद के हमेटी, सिरसा के मंगियाना और करनाल के घरौंडा में ट्रेनिंग सेंटर खोले गए हैं, जहां अब तक 12 हजार से ज्यादा लोग ट्रेनिंग ले चुके हैं।
नवजातों तक पहुंच रहा रसायनों का जहर: कृषि मंत्री
कार्यक्रम के दौरान हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त जारी करने पर प्रधानमंत्री का आभार जताया। उन्होंने एक गंभीर मुद्दा उठाते हुए कहा कि रासायनिक खेती के भयानक दुष्परिणाम अब सामने आने लगे हैं। कीटनाशकों और रसायनों का जहर खाद्य पदार्थों के जरिए मानव शरीर और यहां तक कि नवजात बच्चों तक में देखने को मिल रहा है। उन्होंने किसानों से अपनी जमीन, पानी और आने वाली पीढ़ियों को बचाने के लिए प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर हरियाणा शिवालिक विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष ओमप्रकाश देवीनगर, कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार, महानिदेशक राजनारायण कौशिक, उपायुक्त सतपाल शर्मा, मीडिया सचिव प्रवीण अत्रे और भारी संख्या में किसान मौजूद रहे।