चंडीगढ़ | हरियाणा के युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर रोजगार के नए अवसर प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य के युवाओं और बच्चों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में पारंगत करने के लिए हरियाणा में ‘एआई गुरुकुल’ लॉन्च किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को इसकी घोषणा करते हुए कहा कि इस गुरुकुल में शिक्षा हासिल करने वाले बच्चों को एक साल के भीतर ही आसानी से प्लेसमेंट मिल सकेगी।

मुख्यमंत्री शनिवार को राज्य में शुरू किए गए ‘हरियाणा एआई डेवलपमेंट प्रोजेक्ट’ और ‘हरियाणा क्लीन एयर प्रोजेक्ट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट’ की उच्च स्तरीय समीक्षा कर रहे थे।
बैठक की मुख्य घोषणाएं
एआई गुरुकुल: बच्चों को AI की आधुनिक शिक्षा मिलेगी, 1 साल में प्लेसमेंट की गारंटी।
एआई सैंडबॉक्स: प्रदेश में ‘AI सैंडबॉक्स’ और ‘हरियाणा डेटा एक्सचेंज पॉलिसी’ होगी लॉन्च।
स्टेट डेटा सेंटर: पंचकूला में एआई स्टेट डेटा सेंटर और गुरुग्राम में बनेगा GAIC, 474 करोड़ होंगे खर्च।
क्लीन एयर प्रोजेक्ट: प्रदूषण कम करने के लिए 4 शहरों में चलेंगी 500 इलेक्ट्रिक बसें, 3647 करोड़ का है बजट।
AI सेक्टर में हरियाणा को अग्रणी बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘हरियाणा एआई डेवलपमेंट प्रोग्राम’ के तहत पंचकूला में स्टेट एआई डेटा सेंटर और गुरुग्राम में जीएआईसी (GAIC) बनाया जा रहा है। इन दोनों प्रोजेक्ट्स पर 474 करोड़ रुपए की लागत आएगी।
प्रदेश का अपना एआई स्टेट डेटा सेंटर होगा, जिसमें पूरी तरह पारदर्शी और सटीक डेटा सुरक्षित रखा जाएगा और इसे परिवार पहचान पत्र (PPP) के डेटा से भी लिंक किया जा सकेगा। इसके अलावा, हरियाणा डेटा एक्सचेंज और हरियाणा स्टेट डेटा लेक प्लेटफॉर्म भी तैयार किया जाएगा ताकि जनता को बेहतर और स्मार्ट सेवाएं मिल सकें।
उद्योगों के लिए बनेंगे दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
युवाओं के स्किल डेवलपमेंट पर फोकस करते हुए 40 करोड़ रुपए की लागत से दो ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ भी स्थापित किए जा रहे हैं। यहां उद्योगों की मांग के अनुसार स्किल कोर्स और कोलैबोरेशन वर्कशॉप आयोजित की जाएंगी।
क्लीन एयर प्रोजेक्ट: 3647 करोड़ रुपए होंगे खर्च, 4 शहरों को मिलेंगी ई-बसें
मुख्यमंत्री ने पर्यावरण सुधारने के लिए ‘हरियाणा क्लीन एयर प्रोजेक्ट’ का भी खाका पेश किया। इस पर 3647 करोड़ रुपए का बजट खर्च किया जाएगा, जिसमें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, परिवहन, और शहरी निकाय समेत 9 विभाग मिलकर काम करेंगे।
500 इलेक्ट्रिक बसें: एयर क्वालिटी कंट्रोल प्रोजेक्ट के तहत 90 करोड़ रुपए की लागत से गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर में 500 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी।
200 चार्जिंग स्टेशन: ई-वाहनों को बढ़ावा देने के लिए 200 नए चार्जिंग स्टेशन बनेंगे और इन्हें लगाने पर प्रोत्साहन भी दिया जाएगा।
मोबाइल वैन से होगी AQI की जांच: राज्य में एयर क्वालिटी (AQI) चेक करने के लिए 2 मोबाइल वैन तैयार की जाएंगी, जो किसी भी क्षेत्र में जाकर प्रदूषण स्तर की जांच कर सकेंगी।
पराली और प्रदूषण पर लगाम: पराली जलाने की घटनाओं को कम करने, बायो-डीकंपोजर के इस्तेमाल पर रिसर्च करने और उद्योगों में क्लीनर डीजी (DG) सेट को प्रमोट करने के लिए भी काम किया जाएगा। पुराने थ्री-व्हीलर्स को इलेक्ट्रिक में बदलने पर सब्सिडी मिलेगी।
हर 3 महीने में होगी कार्यों की समीक्षा
इन सभी महात्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स को धरातल पर जल्द से जल्द उतारने के लिए ‘अर्जुन एसपीबी’ (SPV) का गठन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हर तीसरे महीने अर्जुन एसपीबी की बैठक होगी, जिसमें कार्यों की प्रगति की कड़ी समीक्षा की जाएगी ताकि जनता को इनका लाभ जल्द मिल सके।
बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, प्रधान सचिव अरूण गुप्ता, क्रीड के आयुक्त एवं सचिव जे गणेशन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।