चंडीगढ़. हरियाणा के ग्रामीण और कम सुविधा वाले इलाकों की महिलाओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। अब उन्हें ब्रेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की जांच के लिए बड़े अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। ‘नमो शक्ति ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग मिशन’ के तहत अत्याधुनिक एआई (AI) तकनीक से लैस 7 मोबाइल एम्बुलेंस उनके घर-द्वार पर जाकर मुफ्त जांच करेंगी।

रविवार को केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी मामले मंत्री मनोहर लाल ने करनाल के कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रांगण से इन एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।
मुख्य बातें:
100% प्राइवेसी और सुरक्षा: थर्मलिटिक्स (Thermalytix) तकनीक से ‘नो-टच’ (बिना छुए), बिना दर्द और बिना रेडिएशन के जांच होगी।
मिलेगा फ्री इलाज: स्क्रीनिंग के बाद संदिग्ध मामलों में स्वास्थ्य विभाग आयुष्मान कार्ड के जरिए आगे का इलाज और फॉलो-अप सुनिश्चित करेगा।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड: यह दुनिया का सबसे बड़ा AI-इनेबल्ड स्क्रीनिंग प्रोग्राम बन गया है, जिसने एक दिन में 5 हजार से ज्यादा महिलाओं की जांच का रिकॉर्ड बनाया है।
शुरुआती जांच से 100% इलाज संभव: मनोहर लाल
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बताया कि इस मिशन का मुख्य मकसद सिर्फ मेडिकल जांच करना नहीं है, बल्कि समाज में ब्रेस्ट हेल्थ को लेकर जो झिझक और रूढ़ियां हैं, उन्हें तोड़ना भी है। शुरुआती स्टेज में अगर इस बीमारी का पता चल जाए, तो इसका इलाज 100 प्रतिशत असरदार होता है। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस मिशन का दायरा पूरे हरियाणा में बढ़ाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे रूट चार्ट तैयार कर इन वैन को दूरदराज के गांवों तक पहुंचाएं।
क्या है थर्मलिटिक्स तकनीक, जिससे होगी जांच?
मोबाइल वैन में एडवांस्ड एआई-पावर्ड टेक्नोलॉजी ‘थर्मलिटिक्स’ का इस्तेमाल किया गया है। यह एक नॉन-इनवेसिव (शरीर में बिना कोई चीरा लगाए या उपकरण डाले) तकनीक है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें कोई शारीरिक संपर्क (No-Touch) नहीं होता है। इससे महिलाएं अपनी पूरी प्राइवेसी बनाए रखते हुए बिना किसी दर्द और रेडिएशन के सुरक्षित व सटीक जांच करवा सकती हैं।
आखिरी स्टेज में सामने आते हैं 60% मामले
कार्यक्रम में मौजूद राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा ने महिलाओं के स्वास्थ्य पर चिंता जताते हुए अहम आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि भारत में महिलाओं को होने वाले कैंसर में 25% मामले सिर्फ ब्रेस्ट कैंसर के होते हैं। जागरूकता की कमी और संकोच के कारण लगभग 60% मामलों का पता आखिरी स्टेज में चलता है, जिससे जान बचाना काफी मुश्किल हो जाता है। घर पर जांच की सुविधा मिलने से महिलाओं का संकोच दूर होगा।
6 महीने में 1 लाख जांच, बन चुका है वर्ल्ड रिकॉर्ड
यह मिशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 17 सितंबर 2025 को शुरू किए गए ‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान’ से प्रेरित है। शुरू होने के मात्र 6 महीने के भीतर यह दुनिया की सबसे बड़ी ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग पहल बनकर उभरा है। अब तक 1 लाख से अधिक महिलाओं की निशुल्क जांच की जा चुकी है। इसी साल 8 मार्च 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर एक ही दिन में रिकॉर्ड 5,005 महिलाओं की स्क्रीनिंग कर इस अभियान ने ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ भी अपने नाम किया था।